UP Police Bharti 2026: 1 लाख पदों की घोषणा — आखिर इतनी बड़ी भर्ती में है क्या, और आपके लिए इसका मतलब क्या है
अपडेट: 4 जुलाई 2026 | StayDealZone.com
पिछले कुछ हफ्तों से उत्तर प्रदेश के हर उस गांव-कस्बे में जहां कोई युवा सरकारी नौकरी का सपना देख रहा है, बस एक ही चर्चा है — “पुलिस में इस बार 1 लाख भर्ती आ रही है।” यह बात कोई अफवाह नहीं, बल्कि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुंह से निकली घोषणा है, और इसी वजह से यह इतनी तेज़ी से टेलीग्राम चैनलों, व्हाट्सएप ग्रुप्स और यूट्यूब वीडियोज़ में फैल गई। लेकिन जैसा अक्सर होता है, बड़ी खबर के साथ-साथ ढेर सारी अधूरी जानकारी, भ्रम और गलतफहमियां भी साथ आती हैं। कोई कह रहा है सिर्फ कांस्टेबल भर्ती है, कोई कह रहा है SI भी शामिल है, तो कोई पूछ रहा है कि क्या यह वही 32 हज़ार वाली भर्ती है जो पहले से चल रही थी।
इस लेख में हम इस पूरे मामले को शुरू से आखिर तक सुलझाने की कोशिश करेंगे — सरकार ने असल में क्या घोषणा की है, इसमें कौन-कौन से पद शामिल होंगे, पहले से चल रही भर्तियों का इससे क्या रिश्ता है, योग्यता और उम्र की शर्तें क्या रहेंगी, सिलेक्शन कैसे होगा, सैलरी कितनी मिलेगी, और सबसे ज़रूरी — आपको अभी क्या करना चाहिए।
घोषणा का असली मतलब क्या है
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि “1 लाख भर्ती” किसी एक नोटिफिकेशन का नाम नहीं है। यह Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board (UPPRPB) द्वारा आने वाले समय में जारी की जाने वाली कई अलग-अलग भर्तियों का सामूहिक आंकड़ा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से आई जानकारी के मुताबिक इसमें सिविल पुलिस के कांस्टेबल पद, PAC (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) की बटालियनें, होम गार्ड की नई भर्तियां, और कुछ तकनीकी व विशेष यूनिट्स के पद शामिल किए जाएंगे। यानी यह एक ही परीक्षा में एक लाख लोगों को भर्ती करने की बात नहीं है, बल्कि अगले एक-डेढ़ साल में चरणबद्ध तरीके से निकलने वाली कई भर्तियों को जोड़कर यह बड़ा आंकड़ा बनाया गया है।
यह समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि बहुत से उम्मीदवार यह सोचकर बैठे हैं कि एक दिन अचानक एक लाख पदों का नोटिफिकेशन आएगा और सब एक साथ अप्लाई कर देंगे। असल में ऐसा नहीं होने वाला। पहले से मौजूद जानकारी और सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए, यह भर्ती कई हिस्सों में बंटकर आएगी — जैसे पहले भी होता आया है।
पहले से चल रही भर्तियां — नई घोषणा का आधार क्या है
इस बड़ी घोषणा को समझने के लिए यह जान लेना ज़रूरी है कि UPPRPB इस समय पहले से ही कुछ बड़ी भर्तियों पर काम कर रहा है, और नई घोषणा उन्हीं का विस्तार मानी जा रही है।
सबसे पहले बात करते हैं कांस्टेबल पद की। दिसंबर 2025 के आखिरी दिन UPPRPB ने Civil Police Constable, PAC Constable, Special Security Force Constable और Jail Warder मिलाकर कुल 32,679 वेकेंसी का नोटिफिकेशन जारी किया था। आवेदन 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक चला, और सरकार ने इस बार सभी वर्गों के उम्मीदवारों को एकमुश्त 3 साल की आयु में छूट भी दी — यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पिछले कुछ सालों में भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई थी, जिस वजह से बहुत से योग्य उम्मीदवार उम्र सीमा पार कर चुके थे।
इसके अलावा 41,000 होम गार्ड पदों के लिए परीक्षा भी अप्रैल 2026 में — 25, 26 और 27 तारीख को — आयोजित हो चुकी है। और Sub-Inspector स्तर पर बात करें तो 2025-26 साइकिल में 4,543 SI वेकेंसी पहले से भरी जा रही हैं, जिसकी परीक्षा मार्च 2026 में हो चुकी है और अभी Physical Efficiency Test का चरण चल रहा है (29 जून 2026 से शुरू)। साथ ही 112 पद SI (Confidential) के लिए अलग से रखे गए हैं।
जब इन सारे आंकड़ों को जोड़ें — 32,679 कांस्टेबल, 41,000 होम गार्ड, 4,543+112 SI — तो यह पहले से ही लगभग 78 हज़ार के आसपास पहुंच जाता है। बाकी की संख्या आने वाले महीनों में नई कांस्टेबल भर्ती, PAC की अतिरिक्त बटालियन, और तकनीकी पदों से पूरी की जाएगी। तो असल में यह 1 लाख का आंकड़ा किसी अचानक आई कल्पना से नहीं, बल्कि पहले से चल रहे और आने वाले कदमों को जोड़कर बना है।
किसके लिए क्या मौका है — पद के हिसाब से पूरी जानकारी
कांस्टेबल पद
जो उम्मीदवार 12वीं पास हैं, उनके लिए यह सबसे बड़ा मौका है। कांस्टेबल पद की मौजूदा भर्ती में योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास रखी गई है। उम्र की बात करें तो सामान्य वर्ग के लिए पुरुष उम्मीदवारों की उम्र 18 से 22 साल और महिला उम्मीदवारों की 18 से 25 साल के बीच होनी चाहिए — हालांकि कुछ स्रोत महिलाओं के लिए 28 साल तक की सीमा भी बताते हैं, इसलिए हर बार ताज़ा आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देख लें। जैसा पहले बताया, इस बार सभी वर्गों को अतिरिक्त 3 साल की छूट भी मिली है।
Sub-Inspector (SI) पद
जो लोग ग्रेजुएट हैं और अफसर स्तर की नौकरी चाहते हैं, उनके लिए SI का पद है। इसके लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री ज़रूरी है, और उम्र 21 से 28 साल के बीच रखी गई है (1 जुलाई 2025 के अनुसार गणना)। एक दिलचस्प शर्त यह भी है — कंप्यूटर में O-Level सर्टिफिकेट, या टेरिटोरियल आर्मी में दो साल की सेवा, या NCC का B सर्टिफिकेट रखने वाले उम्मीदवारों को भी योग्य माना जाता है, भले ही वे अन्यथा तकनीकी रूप से पात्र न हों।
होम गार्ड
यह पद उन उम्मीदवारों के लिए है जो 10वीं पास हैं और उम्र 18 से 45 साल के बीच है — यानी होम गार्ड की भर्ती में उम्र का दायरा बाकी सभी पदों से कहीं ज़्यादा चौड़ा रखा गया है, जिससे उम्रदराज़ उम्मीदवारों को भी मौका मिलता है।
फिज़िकल स्टैंडर्ड — शारीरिक मापदंड जो हर उम्मीदवार को पता होने चाहिए
पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा पास कर लेना काफी नहीं होता — शारीरिक मापदंड पूरे करना उतना ही ज़रूरी है, और यहीं पर हर साल हज़ारों उम्मीदवार बाहर हो जाते हैं क्योंकि वे सिर्फ किताबों पर ध्यान देते हैं।
ऊंचाई की बात करें तो सामान्य, OBC और SC वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम कद 168 सेंटीमीटर रखा गया है, जबकि इन्हीं वर्गों की महिला उम्मीदवारों के लिए यह 150 सेंटीमीटर है। ST वर्ग के लिए राहत दी गई है — पुरुषों के लिए 160 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 147 सेंटीमीटर। पुरुष उम्मीदवारों के लिए सीना (chest) माप भी ज़रूरी है, जबकि महिला उम्मीदवारों के लिए वज़न का मापदंड देखा जाता है।
इसके बाद आती है Physical Efficiency Test — यानी दौड़। यह सिर्फ पास-फेल आधार पर होती है, इसमें कोई नंबर नहीं मिलते, लेकिन अगर आप इसमें फेल हो गए तो लिखित परीक्षा में चाहे कितने भी अच्छे नंबर क्यों न आए हों, आपका सिलेक्शन रुक जाएगा। इसीलिए अनुभवी उम्मीदवार और कोचिंग सेंटर हमेशा यही सलाह देते हैं — पढ़ाई के पहले दिन से ही दौड़ने की प्रैक्टिस साथ-साथ शुरू कर दें, आखिरी महीने के लिए मत छोड़ें। हर साल ऐसे कई उदाहरण देखने को मिलते हैं जहां लिखित परीक्षा में टॉप करने वाले उम्मीदवार सिर्फ फिटनेस की कमी की वजह से बाहर हो जाते हैं।
लिखित परीक्षा का पैटर्न — कांस्टेबल और SI में क्या फर्क है
कांस्टेबल पेपर
कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो 300 अंकों के होते हैं — यानी हर सही जवाब पर 2 अंक मिलते हैं। परीक्षा 2 घंटे की होती है और OMR शीट पर ऑफलाइन मोड में होती है। 2026 की भर्ती में एक बड़ा बदलाव यह हुआ है कि निगेटिव मार्किंग पूरी तरह हटा दी गई है — पहले जहां गलत जवाब पर अंक कटते थे, अब उम्मीदवार बिना किसी डर के सभी सवालों के जवाब दे सकते हैं। पेपर चार हिस्सों में बंटा होता है — सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी, संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता, और मानसिक अभिरुचि/तर्कशक्ति। सामान्य हिंदी सेक्शन में अकेले 37 सवाल आते हैं, जो 74 अंकों के होते हैं।
SI पेपर
SI की परीक्षा इससे कहीं ज़्यादा विस्तृत होती है। यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) होती है, कुल 400 अंकों की, और चार सेक्शन में बंटी होती है — हिंदी भाषा, सामान्य ज्ञान व कानून, संख्यात्मक व मानसिक योग्यता, और तर्कशक्ति। “सामान्य ज्ञान व कानून” सेक्शन में IPC (भारतीय दंड संहिता), CrPC, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, IT एक्ट, मोटर व्हीकल एक्ट, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट, महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े कानून (जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम, POCSO), SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, और UP पुलिस अधिनियम जैसे विषय शामिल होते हैं — यह सेक्शन कांस्टेबल परीक्षा से बिल्कुल अलग है और इसे अक्सर सबसे मुश्किल माना जाता है, क्योंकि इसमें रटने से ज़्यादा समझने की ज़रूरत पड़ती है।
सिलेक्शन प्रोसेस — चरण दर चरण
दोनों ही पदों — कांस्टेबल और SI — में सिलेक्शन का ढांचा लगभग एक जैसा ही रहता है, बस पेपर की जटिलता अलग होती है।
सबसे पहले लिखित परीक्षा होती है, जिसके नंबरों के आधार पर एक मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। इसके बाद जो उम्मीदवार इस मेरिट में जगह बनाते हैं, उन्हें Document Verification के साथ-साथ Physical Standard Test (PST) के लिए बुलाया जाता है, जहां ऊंचाई, सीना और वज़न जैसी शारीरिक माप ली जाती हैं। जो इसमें खरे उतरते हैं, उन्हें Physical Efficiency Test यानी दौड़ के लिए बुलाया जाता है। अंत में मेडिकल जांच होती है, जिसमें यह देखा जाता है कि उम्मीदवार शारीरिक और मानसिक रूप से पुलिस सेवा के लिए फिट है या नहीं।
एक बात हमेशा ध्यान रखें — अंतिम मेरिट लिस्ट सिर्फ लिखित परीक्षा के नंबरों पर बनती है। PST और PET सिर्फ क्वालीफाइंग होते हैं, इनमें कोई अतिरिक्त अंक नहीं जुड़ते। मतलब अगर आपने लिखित परीक्षा में बहुत अच्छे नंबर लाए हैं, तो PET सिर्फ एक बाधा है जिसे पार करना है, इससे आपकी रैंकिंग नहीं बदलेगी। लेकिन अगर आप PET में फेल हो गए, तो चाहे लिखित परीक्षा में कितने भी नंबर हों, आप बाहर हो जाएंगे।
सैलरी की बात — कांस्टेबल से लेकर SI तक
कांस्टेबल की सैलरी
UP Police Constable को 7वें वेतन आयोग के तहत Pay Level 3 में रखा गया है। ग्रेड पे ₹7,200 है, और कुल मिलाकर मासिक सैलरी ₹21,700 से लेकर लंबी सेवा के बाद ₹69,100 तक जा सकती है। शुरुआती इन-हैंड सैलरी में बेसिक पे के साथ-साथ HRA, महंगाई भत्ता और मेडिकल भत्ता जैसी सुविधाएं भी जुड़ती हैं।
SI की सैलरी
Sub-Inspector का पद Pay Level 6 में आता है, जिसकी शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 है और पे स्केल ₹35,400 से लेकर ₹1,12,400 तक जाता है। सभी भत्तों को मिलाकर ग्रॉस सैलरी लगभग ₹62,000 से ₹65,000 के बीच बैठती है, जबकि कटौतियों के बाद इन-हैंड सैलरी ₹55,000 से ₹58,000 प्रति माह के आसपास रहती है — यह शहर और मौजूदा महंगाई भत्ते की दर पर भी निर्भर करता है।
प्रमोशन का रास्ता
SI के तौर पर करियर शुरू करने वाले अधिकारी समय के साथ Inspector, फिर Deputy Superintendent of Police (DSP), Additional SP, और अंततः Superintendent of Police तक पहुंच सकते हैं। अनुभव, विभागीय परीक्षाओं और प्रदर्शन के आधार पर एक SI आमतौर पर 5 से 8 साल में Inspector बन जाता है, और 12 से 18 साल की सेवा में DSP स्तर तक पहुंच सकता है। यह प्रमोशन का ढांचा UPPSC PCS(J) जैसी परीक्षाओं के ज़रिए भी तेज़ किया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया — क्या करना होगा
चूंकि पूरी 1 लाख भर्ती की एक भी संयुक्त अधिसूचना नहीं आने वाली, इसलिए आवेदन भी अलग-अलग समय पर, अलग-अलग नोटिफिकेशन के तहत होंगे। जो प्रक्रिया अब तक चली आ रही भर्तियों में अपनाई गई है, वही आगे भी दोहराई जाने की पूरी संभावना है:
सबसे पहले UPPRPB की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर “Direct Recruitment” टैब में संबंधित भर्ती का लिंक ढूंढना होगा। इसके बाद One-Time Registration (OTR) प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें एक बार अपनी बेसिक जानकारी भरने पर वह भविष्य की सभी भर्तियों में इस्तेमाल होती रहती है। इसके बाद फॉर्म भरकर फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने होते हैं, और अंत में फीस — जो कांस्टेबल पद के लिए ₹400 के आसपास रही है — ऑनलाइन माध्यम से जमा करनी होती है।
चूंकि सरकार ने साफ कहा है कि यह भर्ती “टेक्नोलॉजी-ड्रिवन” होगी ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके, इसलिए उम्मीद है कि परीक्षा केंद्रों की निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और CCTV जैसी व्यवस्थाएं पहले से भी ज़्यादा सख्त होंगी। यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ सालों में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों उम्मीदवारों का भरोसा हिलाया था, और इस बार सरकार पर पारदर्शिता साबित करने का दबाव कहीं ज़्यादा है।
यह मौका इतना बड़ा क्यों है — असली तस्वीर
अगर आप उत्तर प्रदेश के किसी भी छोटे शहर या गांव में जाकर पूछेंगे, तो पता चलेगा कि पुलिस की नौकरी सिर्फ सैलरी की वजह से नहीं, बल्कि समाज में मिलने वाली इज़्ज़त और परिवार की सुरक्षा की भावना की वजह से भी बेहद पसंद की जाती है। और जब बात 1 लाख जैसी विशाल संख्या की हो, तो इसका मतलब है कि जो उम्मीदवार पिछले कुछ सालों में उम्र सीमा या वेकेंसी की कमी की वजह से मौका नहीं बना पाए थे, उनके लिए भी दरवाज़े फिर से खुल रहे हैं।
लेकिन इसका दूसरा पहलू भी समझना ज़रूरी है — जितनी बड़ी वेकेंसी होगी, उतने ही ज़्यादा उम्मीदवार आवेदन भी करेंगे। उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज़्यादा आबादी वाला राज्य है, और यहां हर भर्ती में आवेदकों की संख्या करोड़ों तक पहुंच जाती है। इसलिए सिर्फ यह सोचकर बैठे रहना कि “इतनी वेकेंसी है तो सिलेक्शन आसान होगा” — यह गलतफहमी हो सकती है। असल कॉम्पिटिशन तब भी उतना ही तगड़ा रहेगा, बस मौकों की संख्या बढ़ जाएगी।
तैयारी कैसे शुरू करें — व्यावहारिक सलाह
अगर आप अभी से तैयारी शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहला काम है यह तय करना कि आप कांस्टेबल के लिए जा रहे हैं या SI के लिए, क्योंकि दोनों का सिलेबस और स्तर बिल्कुल अलग है। कांस्टेबल के लिए सामान्य ज्ञान में उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों — जैसे राज्य का प्रशासनिक ढांचा, भूगोल और संस्कृति — पर खास ध्यान दें, क्योंकि यह हिस्सा अक्सर राष्ट्रीय स्तर की सामान्य ज्ञान किताबों में छूट जाता है। हिंदी व्याकरण में मुहावरे और एक-शब्द प्रतिस्थापन जैसे टॉपिक बार-बार दोहराए जाते हैं, इसलिए इन्हें रोज़ थोड़ा-थोड़ा दोहराते रहें। गणित में प्रतिशत, लाभ-हानि, समय-कार्य और साधारण-चक्रवृद्धि ब्याज जैसे टॉपिक हर साल के पेपर में दिखते हैं।
SI की तैयारी करने वालों के लिए कानून वाला सेक्शन सबसे ज़्यादा समय मांगता है, क्योंकि यह ऐसा विषय है जिसे स्कूल-कॉलेज में सामान्यतः नहीं पढ़ाया जाता। इसके लिए अलग से किताबें और नोट्स ज़रूरी हो जाते हैं।
लेकिन इन सबसे ज़्यादा ज़रूरी बात यह है — दौड़ की तैयारी परीक्षा की तारीख नज़दीक आने का इंतज़ार किए बिना, आज से ही शुरू कर दें। हर साल यह देखा गया है कि जो उम्मीदवार सिर्फ आखिरी दो-तीन महीने में फिटनेस पर ध्यान देते हैं, वे लिखित परीक्षा पास करने के बावजूद PET में मात खा जाते हैं।
निष्कर्ष
UP Police की यह 1 लाख पदों वाली घोषणा किसी एक दिन की खबर नहीं, बल्कि एक लंबी प्रक्रिया का हिस्सा है, जो पहले से चल रही कांस्टेबल, होम गार्ड और SI भर्तियों से जुड़कर आकार ले रही है। जो उम्मीदवार 10वीं, 12वीं या ग्रेजुएट हैं, उनके लिए इसमें अलग-अलग स्तर पर मौका मौजूद है — बस ज़रूरत है सही जानकारी रखने की, धैर्य बनाए रखने की, और पढ़ाई के साथ-साथ शरीर को भी उतना ही तैयार रखने की।
StayDealZone.com नियमित रूप से इस भर्ती से जुड़ी हर नई अधिसूचना, तारीख और अपडेट को कवर करता रहेगा। अगर आप या आपके किसी परिचित की तैयारी इस भर्ती के लिए चल रही है, तो इस लेख को सेव कर लें और समय-समय पर दोबारा ज़रूर पढ़ें, क्योंकि जैसे-जैसे नई अधिसूचनाएं आएंगी, स्थिति और साफ होती जाएगी।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी घोषणाओं, मीडिया रिपोर्ट्स और UPPRPB से जुड़ी पहले से उपलब्ध अधिसूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। चूंकि पूरी 1 लाख भर्ती की विस्तृत योजना अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, इसलिए अंतिम और सटीक जानकारी के लिए हमेशा uppbpb.gov.in पर जाकर आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देखें।
यह लेख StayDealZone.com के लिए तैयार किया गया है।
